प्रज्ञान कितना रोल अदा करेगा चंद्रमा के रहस्य से

प्रज्ञान रोवर का  क्या रोल होगा? यह अकेले ही ढेर सारे कार्यों को करने में सक्षम है प्रज्ञान रोवर कोई एक या दो कार्य नहीं करता बल्कि यह ढेर सारे कार्यों को एक साथ करता है प्रज्ञान रोवर चंद्रमा की सतह का पूर्ण रूप से स्कैनिंग करते हुए उसकी फोटोग्राफी एवं मिली हुई जानकारी कोई इकट्ठा कर अपने इसरो के मुख्यालय पर भेजने का कार्य करेगा. 

कितने दिन तक खोजबीन करेगा प्रज्ञान? 14 दिन तक प्रज्ञान चंद्रमा की सत्ता पर खोजबीन करेगा इन 14 दिन के अंदर प्रज्ञान या प्रयत्न करेगा कि वह मात्रा में चंद्रमा की सतह से जानकारियां इकट्ठा कर सके और वापस इसरो के मुख्यालय भेज सके इसके लिए प्रज्ञान में ढेर सारे ऐसे इंस्ट्रूमेंट लगाए गए हैं जो ऐसा करने में रोवर की काफी मदद करेंगे. .

रोवर में लगे हैं दो कैमरे रोवर में कुल दो कैमरे लगे हुए हैं यह एचडी वीडियो क्वालिटी रिकॉर्ड कर एवं ढेर सारी फोटोग्राफी कर इसरो के मुख्यालय भेजने में पूर्ण रूप से सक्षम है या हर सेकंड की वीडियो रिकॉर्डिंग करके इसरो के मुख्यालय भेजा करते हैं. 

रोवर पर लगा सोलर पैनल रोवर पर एक सोलर पैनल देखने को भी मिल जाएगा या सोलर पैनल पूर्ण रूप से सूर्य की ऊर्जा से कार्य करता है इसी सोलर पैनल के वजह से प्रज्ञान पूर्ण रूप से पावर हासिल कर पता है या सोलर पैनल प्रज्ञान को एक भारी मात्रा में पावर प्रदान करने के लिए ही लगाया गया है ताकि प्रज्ञान सफलतापूर्वक अपने सारे इंस्ट्रूमेंट को क्रियान्वित कर सके. 

प्रज्ञान पर लगा एंटीना सोलर पैनल के ऊपर एक एंटीना भी लगाया गया है या एंटीना अत्यंत आवश्यक कार्य करता है यह सिग्नल को ट्रांसमिट एवं रिसीव करने का कार्य करता है जब भी प्रज्ञान को इसरो के मुख्यालय तक कोई सूचना या संदेश भेजना होता है 

प्रज्ञान रोवर में लगे हैं दमदार व्हील्स प्रज्ञान रोवर के पहियों के बारे में देश में काफी दमदार पहिए देखने को मिल जाएंगे इसके पहले काफी बड़े एवं मजबूत है या इतनी मजबूत है कि बड़े से बड़े चट्टान को भी आसानी से पार कर जाएंगे ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि चांद की सतह पर ढेर सारे चट्टान एवं पत्थर पाए जाते हैं जिस पर करना आसान नहीं होता इसलिए प्रज्ञान रोड में इतने दमदार पहिए लगाए गए हैं. 

प्रज्ञान रोवर के पहिए में लगा इसरो और अशोक स्तंभ प्रज्ञान रोवर चंद्रमा की सतह पर जहां से भी गुजरेगा वहां पर यह इसरो और अशोक स्तंभ के चिन्ह छोड़ता हुआ जाएगा प्रज्ञान रोड में ऐसी इसरो एवं अशोक स्तंभ की कास्टिंग की गई है ताकि यह जहां कहीं भी जाए वहां से गुजरने के बाद अशोक स्तंभ एवं इसरो के छाप छोड़ता हुआ जाए 

प्रज्ञान रोवर जहां से गुजरे वहां भारत की एक निशानी छोड़कर जाए और बाकी के लोग जब कभी भविष्य में वहां से गुजरे तो यह देखें और अंदाजा लगा सके कि भारत उनसे कई गुना आगे है.  

Q1 .क्या प्रज्ञान रोवर चांद के मौसम का हाल सकता है? Ans. जी हां प्रज्ञान रोबोट पूर्ण रूप से आकर करने में सक्षम है या चंद्रमा के सात का वेदर कंडीशन यानी मौसम का हाल पूर्ण रूप से बताने में सक्षम है. Q2. क्या प्रज्ञान रोवर चंद्रमा के सतह की फोटो खींच सकता है? Ans. जी हां इसके लिए प्रज्ञान रोड में कुल दो दमदार कैमरे लगाए गए हैं जो इसी कार्य में लगे रहते हैं.

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