जाने क्यों नहीं मनाया जाता भद्रा काल में राखी का “त्योहार ”

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भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना,भैया मेरे, छोटी बहन को न भुलाना, देखो ये नाता निभाना, निभाना भैया मेरे… यह जाना अपने अवश्य ही सुना होगा। ” रक्षाबंधन ” यह दो शब्दों के मेल से बना हैं, रक्षा +बंधन ।’ रक्षा ‘ का अर्थ हैं रक्षा प्रदान करना और बंधन यानी की गांठ, डोर। 

इस साल रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त को रात 09 बजकर 01 मिनट के बाद से शुरू होगा और इस मुहूर्त का समापन 31 अगस्त को सूर्योदय काल में सुबह 07 बजकर 05 बजे पर होगा

राखी का त्यौहार कब से शुरू हुआ? हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार देवताओं का समूह राक्षसों के खिलाफ युद्ध में हार के कगार पर था। तब उस समय भगवान इंद्र सलाह के लिए अपने गुरु बृहस्पति के पास पहुंचे और गुरु बृहस्पति ने उनसे अपनी पत्नी इंद्राणी से कलाई पर राखी बंधवाने को कहा। उस वक्त दोस्तों इंद्राणी ने पूरे मन से सुरक्षा के प्रतीक के रूप में भगवान इंद्र की कलाई पर वह पवित्र ताबीज बंधा और इस तरह दोस्तों इस पर्व यानी रक्षा बंधन की परंपरा शुरू हुई ।

क्या 31 अगस्त 2023 को राखी बांध सकते हैं? जी हाँ दोस्तों आप 31 अगस्त को सुबह 7:05 बजे तक ही केवल राखी बांध सकते है । 

क्या रात में राखी बांधी जा सकती है? इस दिन बहनें सुबह होने का इंतेजार करती हैं क्युंकि सुबह राखी बंधना और वो भी पंचाल के अनुसार शुभ और सही माना जाता हैं तथा ऐसा माना जाता हैं रात को राखी बंधना अशुभ ।

राखी किस हाथ से बांधनी चाहिए? हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता हैं की दायें हाथ में सकारात्मक उर्जा होती है जो शरीर और मन दोनों को ही नियंत्रित करने में बहुत मदद करता है । जबकि बाएं हाथ का इस्तेमाल अनुष्ठान आदि में अशुभ माना जाता है। इसलिए सदैव रखी दाएँ हाथ से बांधनी चाहिए  

क्या रक्षाबंधन 2023 पर भद्रा है? Answer : जी,भद्रा की अवधि 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से रात 09 बजकर 01 मिनट तक हैं

रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त कितने बजे से कितने बजे तक हैं? Answer : 30 अगस्त को रात 09 बजकर 01 मिनट के बाद से शुरू होगा और इस मुहूर्त का समापन 31 अगस्त को सूर्योदय काल में सुबह 07 बजकर 05 बजे होगा 

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