चंद्रयान-3 के लेंडर पर सोने की चादर क्यों बिछाई गई है क्या है इसके पीछे का विज्ञान Chandryaan-3 Gold Coating Science 

Aditya Kushwaha
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चंद्रयान-3 के लेंडर पर सोने की चादर क्यों बिछाई गई है क्या है इसके पीछे का विज्ञान Chandryaan-3 Gold Coating Science

नमस्कार प्यारे दोस्तों स्वागत है आपका एक और बेहतरीन आर्टिकल में जहां हम बात करने जा रहे हैं कि चंद्रयान-3 के लेंडर पर सोने की चादर क्यों बिछाई जाती है और इसके पीछे का क्या विज्ञान है तो चलिए दोस्तों एक-एक करके शुरू करते हैं इस विषय पर चर्चा करना

क्यों बिछाई जाती है सोने की चादर लेंडर के ऊपर-

हम सब ने अक्सर फिजिक्स में एक अध्याय पढ़ा होगा जिसका नाम विद्युत होता है इस अध्याय में हम दो टॉपिक के बारे में पढ़ते हैं जो कुचालक और सुचालक कहे जाते हैं कुचालक समानता वह पदार्थ होते हैं जिनके आर पार उसका का परवाह नहीं हो सकता इसी प्रकार की उष्मा आ सकती है और ना ही इसे कोई उसका जा सकती है या तो इसके भीतर किसी प्रकार के धार का परवाह नहीं हो सकता वही सुचालक कैसे पदार्थ होते हैं जिनके भीतर धारा का प्रवाह और ताप का प्रभाव बड़े ही आसानी से हो सकता है अक्सर ही हम स्पेसक्राफ्ट या किसी अन्य सेटेलाइट पर एक पानी देखते हैं जो कि असल में मल्टी लेयर इंसुलेशन होती है यह कई तरह की रिफ्लेक्टिव फिल्म से मिलकर बनी होती है यह रिफ्रैक्टिव फिल्म काफी हल्की होती है और हर एक रिफ्लेक्टिव फिल्म की मोटाई अलग-अलग होती है अगर बात करें एम एल आई के सभी लेयर्स की तो यह है आमतौर पर पॉलीमाइड या पॉलिएस्टर जो की एक तरह की प्लास्टिक मनी जाती है उसकी बनी होती है और इन लेयर्स पर अल्युमिनियम की कोचिंग बाद में की जाती है प्लास्टिक एल्यूमिनियम और बाकी लेयर्स की मोटाई किस अनुपात में होगी या इस बात पर निर्भर करती है की सेटेलाइट या स्पेसक्राफ्ट किस तरह के ऑर्बिट में चक्कर लगाने के लिए भेजा जा रहा है मल्ली को स्पेसक्राफ्ट में लगे किस टाइप के इंस्ट्रूमेंट को सुरक्षा प्रदान करना है और इस पर कितनी मात्रा में सूरज की रोशनी का प्रभाव पड़ेगा यह सारे तथ्य मिलकर की मोटाई को प्रभावित करते हैं
हमने ढेर सारे चित्रों में देखा होगा कि विक्रम लैंडर के ऊपर एक सुनहरी पीली सेट या अन्य किसी स्पेसक्राफ्ट के ऊपर सिल्वर कलर की सीट लगी रहती है वह प्राय ही अल्युमिनियम कोटेड पॉलीमाइट की सिंगल लेयर से बनी होती है जिस्म की अंदर के तरफ अल्युमिनियम और बाहर की तरफ सुनहरे रंग होने प्रतीत होता है कि मानो यह सोने की सीट से कर किया गया है.

क्यों किया जाता है इस सुनहरी चादर का इस्तेमाल?

किसी भी सैटेलाइट या स्पेसक्राफ्ट पर जो मल्टी लेयर इंसुलेशन की परत लपेटी जाती है इसका सबसे खास इस्तेमाल थर्मल कंट्रोल में होता है अक्सर ऐसा देखा गया है कि स्पेस में बहुत कम या ज्यादा तापमान होता है अलग-अलग ऑर्बिट का अलग-अलग तापमान होता है तो इस हिसाब से जो सैटेलाइट जी ऑर्बिट में होगा उसे उसे ऑर्बिट द्वारा दिए गए तापमान को झेलना पड़ेगा यदि किसी ऑर्बिट में माइनस 200 डिग्री फारेनहाइट है और किसी ऑर्बिट में 300 डिग्री फारेनहाइट तक की गर्मी है तो ऐसे में अलग-अलग मल्टी लेयर इंसुलेशन का प्रयोग किया जाता है और यह तापमान को नियंत्रित करने में काफी मदद करता है ताकि इसे इंस्ट्रूमेंट बचा रहे और हमारा सैटेलाइट पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे.
हीट ट्रांसफर का असल मतलब यह होता है कि किसी एक चीज से उसका का निकाल कर दूसरे चीज तक पहुंचना ही ट्रांसफर सामान्य तौर पर तीन प्रकार से हो सकता है कंडक्शन कन्वैक्शन और रेडिएशन और स्पेस की बात करें तो स्पेस में सामान्य रूप से हमें रेडिएशन देखने को मिलता है कंडक्शन और कन्वैक्शन के लिए हवा जैसा एक मीडियम का होना परम आवश्यक है लेकिन स्पेस में किसी भी प्रकार का मीडियम नहीं होता है जिसके वजह से वहां पर केवल रेडिएशन ही देखने को मिलता है अगर बात करें मल्टी लेयर इंसुलेशन की तो यह स्पेसक्राफ्ट को केवल और केवल रेडिएशन से बचा सकता है यह स्पेसक्राफ्ट को किसी प्रकार के कन्वैक्शन से बचाने में पूर्ण रूप से असमर्थ है.

आखिर सोने की ही परत क्यों?

सोने की परत प्रयोग करने के पीछे कई कारण है सोना कई प्रकार के रेडिएशन से चंद्रयान-3 के छोटे-छोटे मगर संवेदनशील उपकरण को सुरक्षित रखेगा जैसे कि स-र अल्ट्रावायलेट रे इत्यादि इन सारे रे से चंद्रयान-3 के ढेर सारे संवेदनशील उपकरणों को काफी नुकसान पहुंच सकता है ऐसे में सोने की पर चढ़ने से हम इन उपकरणों को सुरक्षित रख सकते हैं लकी सोने की परत पूरे लैंडर पर नहीं चढ़ाई जाती है बल्कि यह कुछ विशेष जगह पर चढ़ाई जाती है जो की अति संवेदनशील होते हैं और जो रेडिएशन से खराब होने के ज्यादा संभावित होते हैं.

क्या है इसके अतिरिक्त फायदे?

इसके कुछ अतिरिक्त फायदे भी हैं जैसे कि चंद्रमा की सतह पर लैंड होने के बाद इस पर धूल और डस्ट पार्टिकल के जमा होने से आने वाली खराबी से चंद्रयान-3 को बचाना जैसा कि हम सब जानते हैं कि चंद्रमा की सतह पर धूल के ढेर सारे कार्ड मिलेंगे उसे अवस्था में यह काम आएगा और चंद्रयान-3 के छोटे-छोटे मगध संवेदनशील हिस्सों को धूल के प्रभाव में आने से बचाएगा.

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